राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना: सरकारी गेंहू चाहिए तो घर के बहार लिखवाओ 'मैं अत्यंत गरीब हूं'

'सबका साथ सबका विकास' का दावा करने वाली भाजपा सरकार के राज में गरीबो को उनकी गरीबी का ना सिर्फ एहसास कराया जा रहा है, बल्कि घरो के बाहर 'मैं अत्यंत गरीब हूं' के इश्तेहार नुमा सरकारी बोर्ड लगा कर अपमानित भी किया जा रहा है.

दरअसल मामला है राजस्थान के दौसा जिले की सिकराय और बांदीकुई तहसील का है जहाँ करीब 50 हजार घरों के बाहर ‘मैं अत्यंत गरीब हूं...’ के पीले रंग के सरकारी बोर्ड लगे नज़र आ रहे है जो इन परिवारों को एहसास करवाते है कि ये परिवार गरीब है और सरकारी मदद लेते है.



गौरतलब है कि प्रशासन ने गरीबो को शर्मसार करने वाली इस हरकत पर अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि इन बोर्ड का उद्देश्य योजना से अपात्रों को बाहर करना है, हालांकि इसकी अनिवार्यता ऐसी कर दी कि कई जगह एक ही घर की दीवार पर चार-चार बोर्ड रंगे हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं अधिकारियों को हिदायत भी दी गयी है कि जो बोर्ड लगवाने से मना करे उसे योजना से बाहर कर दिया जाए।

प्रशासन के इस कड़े फैसले ने ग्रामीणों को असमंजस में डाल दिया है क्योकि एक तरफ तो ये बोर्ड उन्हें शर्मिंदा करते है तो दूसरी तरफ गरीब होने की वजह से सरकारी मदद इन ग्रामीणों की मज़बूरी भी है. हालांकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार जनता पर एहसान नहीं कर रही है, ये गरीबो का हक़ है उन्हें इसका फायदा मिलना चाहिए. यदि आप गरीब है तो सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि आपकी मदद करे, लेकिन इस तरह से गरीबो का अपमान करना कहा तक उचित है? 

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