राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने जब से पार्टी की कमान संभाली है, प्रदेश में एक मज़बूत विपक्ष के रूप में कांग्रेस पार्टी उबर कर आयी है . पायलट हर जिले में जा कर जन सभाओं के ज़रिये जनता के बीच पहुँच कर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे है.
दिलचस्प बात ये है कि पायलट अभी डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिलों के दौरे पर है और इस दौरे के साथ ही वे पिछले 10 महीनो में राजस्थान के सभी 33 जिलों के दौरे का चक्र पूरा कर चुके है. भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ जब-जब जरुरत पड़ी पायलट ने बिना मौसम का मिज़ाज़ जाने सड़को पर उतर कर प्रदर्शन किया.
पायलट ने तमाम जिलों के दौरे महज़ खानापूर्ति के लिए नहीं किये, वे गाँव-गाँव ढाणी-ढाणी तक पहुँच कर जनता के बीच गए और उनकी समस्याओ का व्यक्सतिगत रूप से जायज़ा लिया और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाया.
चाहे भरी सर्दी में नोटबंदी से त्रस्त जनता के लिए जन वेदना सम्मलेन का आयोजन करना हो या फिर भीषण गर्मी में बाड़मेर के वीर सपूत शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होना हो, पायलट को कभी मौसम की मार नहीं रोक सकी. पायलट जनता की भावनाओं को समझते है और शायद इसीलिए चाहे कोई भी किसी भी वर्ग का क्यों ना हो, जनता उनसे एक जुड़ाव महसूस करती है.
वे जब किसी भी जिले के दौरे पर निकलते है तो उनके समर्थक काफिला बना कर उनके पीछे चल देते है. वे जहाँ भी जाते है हज़ारो की संख्या में उत्साहित जनता उनका भव्य स्वागत कर अभिनन्दन करती है. बुजुर्ग उनमे किसान नेता स्व. राजेश पायलट जी की छवि पाते है तो आज की युवा पीढ़ी उन्हें मार्गदर्शक के रूप में देखती है और वहीँ बच्चे और महिलाये उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ते है.
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाई है, चाहे युवा कार्यकर्ताओ को प्रोत्साहित कर उन्हें मौका देना हो या वरिष्ठ नेताओ एवं कार्यकर्ताओ के सम्मान की बात हो पायलट ने सभी वर्गों का ध्यान रखा और सब को साथ ले कर चलने की कोशिश की है, जिसने पार्टी की एकजुटता को मज़बूत बनाया है. छोटे बड़े सभी कार्यकर्ताओ के बीच उन्होंने एक सफल तालमेल स्थापित किया है, जिससे पार्टी को धरातल पर मज़बूती मिली है और कार्यकर्ताओ के उत्साह में वृद्धि हुयी है.
पायलट जनता को प्राथमिकता देते है और जरुरत के समय जनता के बीच खुद पहुँच कर उनका हाल जानते है. पिछले 10 महीनो में वे सभी 33 जिलों के दौरे पुरे कर चुके है जिनमे उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रो को ज्यादा प्राथमिकता दी ताकि वे गाँव-ढाणियों में रह रहे लोगो की वर्तमान स्तिथि का जायज़ा ले सके. चाहे भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी हो या तकलीफ के समय जनता के बीच पहुँचना, पायलट ने कभी भी लापरवाही का परिचय नहीं दिया और ना ही कभी किसी वर्ग या व्यक्ति विशेष को नज़रअंदाज़ किया.
आज राजस्थान की स्तिथि ये है कि एक तरफ तो भाजपा जनता के बीच विश्वास खोती जा रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी से जनता की उम्मीदे फिर से जाग उठी है. पायलट दावा कर चुके है कि अगले वर्ष होने वाले चुनावो में जनता का आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी को मिलना तय है, अब ये वक़्त बताएगा कि जनता किस ओर करवट लेती है? लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी राजस्थान में मज़बूत तो हुयी है, साथ ही साथ जनता का भरोसा फिर से जीतने में भी कामयाब रही है.
दिलचस्प बात ये है कि पायलट अभी डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिलों के दौरे पर है और इस दौरे के साथ ही वे पिछले 10 महीनो में राजस्थान के सभी 33 जिलों के दौरे का चक्र पूरा कर चुके है. भाजपा सरकार की जन विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ जब-जब जरुरत पड़ी पायलट ने बिना मौसम का मिज़ाज़ जाने सड़को पर उतर कर प्रदर्शन किया.
पायलट ने तमाम जिलों के दौरे महज़ खानापूर्ति के लिए नहीं किये, वे गाँव-गाँव ढाणी-ढाणी तक पहुँच कर जनता के बीच गए और उनकी समस्याओ का व्यक्सतिगत रूप से जायज़ा लिया और पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाया.
चाहे भरी सर्दी में नोटबंदी से त्रस्त जनता के लिए जन वेदना सम्मलेन का आयोजन करना हो या फिर भीषण गर्मी में बाड़मेर के वीर सपूत शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होना हो, पायलट को कभी मौसम की मार नहीं रोक सकी. पायलट जनता की भावनाओं को समझते है और शायद इसीलिए चाहे कोई भी किसी भी वर्ग का क्यों ना हो, जनता उनसे एक जुड़ाव महसूस करती है.
वे जब किसी भी जिले के दौरे पर निकलते है तो उनके समर्थक काफिला बना कर उनके पीछे चल देते है. वे जहाँ भी जाते है हज़ारो की संख्या में उत्साहित जनता उनका भव्य स्वागत कर अभिनन्दन करती है. बुजुर्ग उनमे किसान नेता स्व. राजेश पायलट जी की छवि पाते है तो आज की युवा पीढ़ी उन्हें मार्गदर्शक के रूप में देखती है और वहीँ बच्चे और महिलाये उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ते है.
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभाई है, चाहे युवा कार्यकर्ताओ को प्रोत्साहित कर उन्हें मौका देना हो या वरिष्ठ नेताओ एवं कार्यकर्ताओ के सम्मान की बात हो पायलट ने सभी वर्गों का ध्यान रखा और सब को साथ ले कर चलने की कोशिश की है, जिसने पार्टी की एकजुटता को मज़बूत बनाया है. छोटे बड़े सभी कार्यकर्ताओ के बीच उन्होंने एक सफल तालमेल स्थापित किया है, जिससे पार्टी को धरातल पर मज़बूती मिली है और कार्यकर्ताओ के उत्साह में वृद्धि हुयी है.
पायलट जनता को प्राथमिकता देते है और जरुरत के समय जनता के बीच खुद पहुँच कर उनका हाल जानते है. पिछले 10 महीनो में वे सभी 33 जिलों के दौरे पुरे कर चुके है जिनमे उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रो को ज्यादा प्राथमिकता दी ताकि वे गाँव-ढाणियों में रह रहे लोगो की वर्तमान स्तिथि का जायज़ा ले सके. चाहे भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी हो या तकलीफ के समय जनता के बीच पहुँचना, पायलट ने कभी भी लापरवाही का परिचय नहीं दिया और ना ही कभी किसी वर्ग या व्यक्ति विशेष को नज़रअंदाज़ किया.
आज राजस्थान की स्तिथि ये है कि एक तरफ तो भाजपा जनता के बीच विश्वास खोती जा रही है तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी से जनता की उम्मीदे फिर से जाग उठी है. पायलट दावा कर चुके है कि अगले वर्ष होने वाले चुनावो में जनता का आशीर्वाद कांग्रेस पार्टी को मिलना तय है, अब ये वक़्त बताएगा कि जनता किस ओर करवट लेती है? लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है कि पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी राजस्थान में मज़बूत तो हुयी है, साथ ही साथ जनता का भरोसा फिर से जीतने में भी कामयाब रही है.








Comments
Post a Comment