किसानो की मांगो को ले कर पायलट के नेतृत्व में 14 जून को कांग्रेस पार्टी का धरना प्रदर्शन


किसानो की दुर्दशा के ख़िलाफ़ कांग्रेस पार्टी ने देश भर में मुहीम छेड़ दी है. भाजपा सरकार के राज में जो दुर्गति किसानो की हुयी है वे काफी चिंताजनक है. भाजपा सरकार तमाम चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही और महंगाई की बढ़ती मार ने गरीब किसानो की कमर तोड़ कर रख दी. आज़ाद भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ है कि किसानो को इस तरह से नज़रअंदाज़ किया गया कि मज़बूरी में उन्हें आत्महत्या करनी पड़ रही है. हालही में जिस तानाशाह तरीके से मध्य-प्रदेश में आंदोलन कर रहे किसानो की निर्मम हत्या की गई उसने इंसानियत को शर्मसार किया है.

कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही किसानो को प्राथमिकता दी है और तमाम कांग्रेसजन सदैव किसानो के हक़ लिए संघर्ष करते आये है. इसीलिए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में आगामी 14 जून को प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर कांग्रेस पार्टी किसानो की मांगो को ले कर धरना पर्दशन करेगी.


कोनसी मांगो को ले कर किया जायेगा प्रदर्शन? 

 पायलट ने बताया कि भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े वादे कर भोली जनता को गुमराह किया और वोट बटोर लिए, पर आज वे तमाम चुनावी वादे सिर्फ कागज़ो तक ही सीमित रह गए, जिससे कि जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है. किसानो से भी बड़े-बड़े वादे किये गए थे, लेकिन आज भाजपा की वादा खिलाफी से किसान आहात हुए है. वादों को पूरा करना तो दूर भाजपा के तमाम मंत्री, नेता एवं कार्यकर्ताओ को किसानो की समस्याओ से कोई सरोकार नहीं है. पीड़ित किसानो की वेदना सुनने का समय मुख्यमंत्री साहिबा के पास नहीं है और मज़बूरी में किसान आत्महत्या कर रहे है.

पायलट ने कहा कि किसानो के इस बुरे दौर में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और इसलिए हम किसानो की मांगो को ले कर हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे.

किसानो का ऋण माफ़ हो: भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार में प्रदेश में घूम घूम कर किसानो से उनका ऋण माफ़ करने का वादा किया था, लेकिन आज साढ़े तीन साल होने के बावजूद भी किसानो को क़र्ज़ मुक्त करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया. हम मांग करते है कि भाजपा सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा कर प्रदेश में किसानो का ऋण माफ़ करे.

न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जाये: मुख्यमंत्री साहिबा ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में घोषणा की थी कि किसानो का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 % तक बढ़ाया जायेगा, लेकिन किसान आज भी आर्थिक तंगी से गुजर रहे है. पायलट ने कहा कि हम मांग करते है सरकार से कि किसानो का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि उन्हें मुनाफा हो और किसानो का आर्थिक विकास हो सके.

किसानो को बोनस दिया जाए: अपनी तीसरी मांग में पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में किसानो के लिए कोई बोनस की घोषणा नहीं की. इसलिए हम मांग रखते है कि किसानो को बोनस दिया जाए और साथ ही साथ दुग्ध उत्पादकों एवं पशु पालको को पर्याप्त सब्सिडी दी जाये.

पायलट ने कहा कि इन सभी मांगो को ले कर हम सरकार के ख़िलाफ़ धरना प्रदर्शन करेंगे और मज़बूर करेंगे कि किसानो को उनका हक़ दिया जाये. उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य दोनों ही जगह पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने  के बावजूद भाजपा सरकार किसानो को सहूलियत पहुंचाने में विफल रही है, जिससे ये स्पष्ट हो जाता है कि किसानो की सेवा करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता नहीं है. 

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