प्रदेश के लाखो किसानो ने कांग्रेस के आंदोलन को समर्थन दे कर भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ जताया रोष

भाजपा सरकार ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान किसान वर्ग से बड़े-बड़े वादे करके वोट तो बटौर लिए थे, लेकिन सत्ता मिलने के बाद जिस तरह से भाजपा ने किसान वर्ग को अनदेखा किया उससे किसानो के हालात इतने बिगड़ गए कि विवश हो कर उन्हें आत्महत्या करनी पड़ रही है. प्रदेश में भाजपा सरकार का कार्यकाल बहुत ही निराशाजनक रहा है और जो किसानो की दुर्गति हुयी है वह बहुत ही चिंताजनक है.

कांग्रेस पार्टी एक ऐसा संगठन रहा है जिसने सैदेव किसानो के हितो के लिए संघर्ष किया है. ऐसे में जब किसान इतने बुरे दौर से गुज़र रहे है तो भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ कांग्रेस पार्टी ने देशभर में मुहीम छेड़ दी है.

इसी कड़ी में आज राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर किसानो की मांगो को ले कर धरना प्रदर्शन किया गया. भाजपा सरकार की वादा खिलाफी और किसान विरोधी नीतियों से किसान वर्ग इतना आक्रोशित है कि आज कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ प्रदेश भर के लाखो किसानो ने विभिन्न जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन में भाग ले कर कांग्रेस पार्टी को समर्थन देने के साथ ही भाजपा सरकार के ख़िलाफ असतोष प्रकट किया.


जिला मुख्यालयों पर किया धरना प्रदर्शन 

कांग्रेस पार्टी ने आज पायलट के नेतृत्व में राजस्थान के सभी जिला मुख्यालयों पर किसानो की मांगो को ले कर धरना प्रदर्शन किया और इस मौके पर हज़ारो कांग्रेसजनो के साथ-साथ भारी संख्या में पीड़ित किसानो ने भाग ले कर भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.

प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट स्वयं सीकर जिले में आयोजित धरना प्रदर्शन में भाग लेने पहुँचे. इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे, नेट प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष बी.डी. कल्ला भी मौजूद रहे. सभा की शुरुआत में भाजपा सरकार से तंग आ कर जिन किसानो ने अपने प्राण त्यागे एवं मध्य प्रदेश में जिन किसानो की हत्या की गयी उनके लिए मौन रखा गया.

आयोजित धरने में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओ एवं किसानो को सम्भोदित करते हुए उन्होंने कहा कि आज जो किसानो की दुर्गति हुयी है उसकी जिम्मेदार भाजपा सरकार की कुनीतिया है. राजस्थान के इतिहास में कभी भी ऐसे हालात पैदा नहीं हुए जब किसी किसान की आत्महत्या का कोई मामला सामने आया हो, लेकिन आज भाजपा सरकार की अनदेखी ने किसानो को आत्महत्या करने पर मज़बूर कर दिया है और बड़े दुर्भाग्य की बात है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में ६१ पीड़ित किसानो को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा.


पायलट ने कहा कि प्रदेश में किसान बहुत साड़ी परेशानिओ से जूझ रहे है. लेकिन भाजपा सरकार के ना तो किसी नेता और ना ही किसी मंत्री ने इन पीड़ित किसानो की सूद ली. इतना ही नहीं जिन किसानो ने आत्महत्या की उनके परिजनों को सांत्वना देने जाना तो दूर भाजपा के नेताओ के बयानों ने किसान वर्ग की भावना को भी चोट पहुँचायी है.

पायलट ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी तब भी भाजपा कांग्रेस पार्टी को दोष देती थी, आज कांग्रेस विपक्ष में है तब भी दोष कांग्रेस पार्टी को ही दिया जा रहा है. लेकिन सच्चाई ये है कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसमे कोई भी किसानो की वेदना सुनने वाला नहीं है और ना ही ऐसा कोई है को किसानो के दुःख दर्द को समझ कर उनकी आवाज़ उठा सके. जिस तरह का रवैया किसानो के प्रति भाजपा के नेताओ एवं मंत्रियो का रहा है उससे ये स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा को किसानो से कोई सरोकार नहीं है और किसानो उनके लिए मात्र वोट बैंक है जिन्हे चुनाव के समय झूठे वादे कर उनके साथ धोखा किया जाता है.

हालही में मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुए हादसे के निंदा करते हुए पायलट ने कहा कि आज देश में हालत ये हो गए है कि पीड़त किसान अपने हक़ के लिए आवाज़ भी नहीं उठा सकते. मंदसौर में आंदोलन कर रहे किसानो की तानाशाह तरीके से गोली मार कर हत्या कर दी गयी. जब राहुल गाँधी ने पीड़ित किसानो से मुलाकात करने की कोशिश की तो उन्हें ना सिर्फ रोका गया बल्कि गिरफ्तार भी किया गया. ऐसे ही जनता की आवाज़ उठाने वाले हर कांग्रेस नेता को गिरफ्तार कर दबाने की कोशिश कर रही है भाजपा सरकार जो कि सत्ता के दुरूपयोग के साथ-साथ ओछी राजनीती का प्रतिक भी है


उन्होंने किसानो को आश्वस्त किया कि दुःख की इस घडी में कांग्रेस पार्टी किसानो के साथ खड़ी है. जिस तरह कांग्रेस पार्टी ने आंदोलन करके भाजपा सरकार को बढ़ाई गयी बिजली दरे वापस लेने के लिए मज़बूर किया था, उसी तरह कांग्रेस पार्टी धरना प्रदर्शन, आंदोलन कर सरकार को किसानो को राहत पहुँचाने के लिए विवश कर देगी.

कांग्रेस ने आज धरना प्रदर्शन कर किसानो के लिए निम्नलिखित मांगे रखी

किसानो का ऋण माफ़ हो: भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार में प्रदेश में घूम घूम कर किसानो से उनका ऋण माफ़ करने का वादा किया था, लेकिन आज साढ़े तीन साल होने के बावजूद भी किसानो को क़र्ज़ मुक्त करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया. हम मांग करते है कि भाजपा सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा कर प्रदेश में किसानो का ऋण माफ़ करे.

न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जाये: मुख्यमंत्री साहिबा ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में घोषणा की थी कि किसानो का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 % तक बढ़ाया जायेगा, लेकिन किसान आज भी आर्थिक तंगी से गुजर रहे है. पायलट ने कहा कि हम मांग करते है सरकार से कि किसानो का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि उन्हें मुनाफा हो और किसानो का आर्थिक विकास हो सके.


किसानो को बोनस दिया जाए: अपनी तीसरी मांग में पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में किसानो के लिए कोई बोनस की घोषणा नहीं की. इसलिए हम मांग रखते है कि किसानो को बोनस दिया जाए और साथ ही साथ दुग्ध उत्पादकों एवं पशु पालको को पर्याप्त सब्सिडी दी जाये.

पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की प्राथमिकता आम जनता, गरीब, मज़दूर और किसानो की सेवा करना है. चाहे पार्टी सत्ता में हो या ना हो कांग्रेस पार्टी का हर जन जनता के हितो के लिए संघर्ष करता रहेगा.किसानो की मांगो को ले कर कांग्रेस पार्टी ने आज सभी जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन सौंपा, सीकर में आयोजित सभा में SDM को आमंत्रित कर मंच पर ही ज्ञापन सौंपा ताकि शहर में जनता को कोई परेशानी ना हो. 

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