हाड़ौती में कल से पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस की किसान न्याय यात्रा: 4 दिन, 2 जिले और 100 कि. मी का पैदल सफ़र

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की हाड़ौती क्षेत्र में किसान न्याय यात्रा कल दोपहर में बारां से शुरू होगी. जिसमे प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, पीसीसी उपाध्यक्ष प्रमोद जैन भाया सहित हज़ारो कांग्रेसजन भाग ले कर सरकार पर दबाव बनायेगे कि वे प्रदेश के किसानो की मांगो को पूरा कर उन्हें सहूलियत पहुँचाये.

किसान न्याय यात्रा का उद्देश्य 

प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के अनुसार भाजपा सरकार के राज में किसानो एवं कृषि से जुड़े वर्गों की सबसे ज्यादा अनदेखी की गयी है, जिसके चलते ये हमारा दुर्भाग्य है कि प्रदेश में किसानो के हालात इतने बिगड़ गए है कि राजस्थान के इतिहास में पहली बार किसानो को आत्महत्या करने पर विवश होना पड़ा.

पायलट ने कहा कि किसानो की इतनी बुरी दुर्दशा होने के बावजूद भाजपा सरकार में ऐसा कोई प्रतिनिधि नहीं है जो किसानो की आवाज़ को उठा सके ओर तो ओर आज किसानो की वेदना सुनने वाला कोई नहीं है. भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश के किसानो से बड़े-बड़े वादे करके वोट बटोर लिए लेकिन सत्ता में आने के बाद वे सारे वादे चुनावी जुमला बन कर रह गए.

आज किसानो सहित प्रदेश की तमाम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और उम्मीद से कांग्रेस पार्टी की ओर देख रही है. पायलट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही किसानो के लिए संघर्ष करती आयी है और दुःख की इस घडी में भी कांग्रेस पार्टी किसानो के साथ खड़ी है.

पायलट ने कहा कि हम काफ़ी समय से सरकार से किसानो का ऋण माफ़ करने का आग्रह कर रहे है, लेकिन सरकार ने किसानो को कभी भी प्राथमिकता नहीं दी. इस किसान न्याय यात्रा के द्वारा हम सरकार पर दबाव बनायेगे कि वे किसानो की मांगो को पूरा करे और कांग्रेस पार्टी ने निश्चय कर लिया है कि वे सरकार से किसानो की मांगो को मनवा कर ही रहेंगे.
क्या है कांग्रेस पार्टी की किसानो के लिए मांगे? 

इस किसान न्याय यात्रा द्वारा कांग्रेस पार्टी किसानो के मुद्दों को ले कर सरकार को घेरने का काम करेगी. पायलट ने बताया कि जिस तरह से भाजपा शाषित दूसरे प्रदेशो में किसानो का ऋण माफ़ किया गया है, उसी तरह राजस्थान में भी किसानो का पूर्ण ऋण माफ़ किया जाना चाहिए. 

साथ ही साथ भाजपा सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान न्यूनतम लागत मूल्य बढ़ाने का वादा किया था उस पर भी अमल किया जाये ताकि किसानो को खेती से मुनाफा मिल सके. 

GST के लागु होने के बाद से आम जनता से लगा कर व्यापारी वर्ग सभी को आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, जिसकी चपेट में किसान भी आ गए है. पायलट ने कहा कि कृषि से जुड़े उपकरणों को GST से मुक्त किया जाना चाहिए. 

बारां से झालावाड़: हाड़ौती में 100 किलोमीटर की किसान न्याय यात्रा 

सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हज़ारो कार्यकर्ताओ सहित दिनांक 3 अक्टूबर 2017 को बारां से शुरू होगी. पुरे चार दिन में हाड़ौती क्षेत्र के लगभग 100 किलोमीटर का सफ़र तय करके ये किसान न्याय यात्रा झालावाड़ पहुंचेगी, जहाँ विशाल किसान सम्मलेन का आयोजन किया जायेगा. 

कल दोपहर में बारां के कृषि उपज मंडी समिति के मुख्य द्वारा पर गणपति पूजा अर्चना के पश्च्यात पदयात्रा शुरू की जाएगी और पहले दिन बारां से चल कर ग्राम आमापूरा, कलमंडा, खैराली मोड़ होते हुए बामला पहुंचेगी. 

बामला में रात्रि विश्राम के पश्च्यात दूसरे दिन धौलाकुंआ, बोरदा, चौकी, बपावरखुर्द, बपावरकलां, लटूरी, डूंगरपुर, मोईकलां, भैंरुपुरा, बिलासरा, चिकली, सुमर, दोबड़ा रोड आदि ग्रामीण क्षेत्रो से होते हुए खानपुर पहुँच कर रात्रि विश्राम करेंगे. 

तीसरे दिन खानपुर से पदयात्रा की शुरुआत की जाएगी जो ग्राम कंवलदा, गोलाना, मरायता रोड, नागोनिया, टोल टैक्स, लडानिया, बांडी सड़क, रामनगर, हरिगढ़ चौराहा, बाघेर, भीमसागर चौराहा, चुनाभाटी चौराहा होते हुए ग्राम मंडावर पहुंचेगी. 

अपने अंतिम चरण में किसान न्याय यात्रा ग्राम मंडावर से पदयात्रा की शुरुआत कर ग्राम मुंडेरी होते हुए झालावाड़ पहुंचेगी, जहाँ के राधारमण स्टेडियम में विशाल किसान सम्मलेन में भाग लेंगे. 

किसान न्याय यात्रा के लिए हाड़ौती क्षेत्र का ही चयन क्यों? 

झालावाड़ मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह क्षेत्र है और इस किसान यात्रा से उन पर बहुत सवाल खड़े होने की संभावनाएं है . लेकिन प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के अनुसार किसानो की आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा हाड़ौती क्षेत्र में दर्ज़ किये गए है और यहीं कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने किसानो के हितो के लिए संघर्ष करने के लिए इस क्षेत्र का चयन किया. 

गौरतलब है कि सीकर में किसान आंदोलन के पश्च्यात सरकार ने एक कमेटी का गठन कर किसानो क़ो आश्वस्त किया है कि सरकार जल्द ही कोई बड़ी घोषणा करेगी. लेकिन पायलट का मानना है कि जब बड़े बड़े उद्योगपतियों के ऋण माफ़ी के लिए भाजपा सरकार ने किसी कमेटी का गठन नहीं किया तो पीड़ित किसानो के लिए ये औपचारिकता क्यों की जा रही है. केंद्र एवं प्रदेश दोनों ही जगह पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने के बावजूद भाजपा सरकार अब तक किसानो क़ो सहूलियत पहुँचाने के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा पायी? 

पायलट ने भाजपा सरकार क़ो चेतावनी देते हुए कहा कि आज प्रदेश में किसान पीड़ित है और उन्हें मदद की अभी आवश्यकता है इसीलिए ऋण माफ़ी की घोषणा जल्द से जल्द की जानी चाहिए ताकि किसानो को उसका लाभ मिल सके. प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव है और पायलट का मानना है कि भाजपा सरकार क़ो चुनाव का इंतज़ार नहीं करना चाहिए. किसानो से जुड़े मुद्दों का राजनैतिक लाभ उठाने की कल्पना भी निंदनीय है. 

कल से कांग्रेस पार्टी अपनी किसान न्याय यात्रा के ज़रिय सरकार पर दबाव बनाएगी, जिससे कृषि से जुड़े लोगो सहित प्रदेश की जनता का पूरा समर्थन मिलने की संभावनाएं है, अब देखना ये है कि कांग्रेस के दबाव में क्या भाजपा सरकार किसानो के लिए कोई कदम उठएगी?

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