जनता और मीडिया का शोषण कर भ्रष्टाचारियो को संरक्षण देने वाले काले कानून की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं: पायलट

भाजपा सरकार के काले कानून के ख़िलाफ़ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है। प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके चलते पायलट सहित प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।

गौरतलब है कि इस काले कानून के ख़िलाफ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस पार्टी, निर्दलीय विधायकों सहित कुछ भाजपा के विधायकों ने भी विरोध जताया और पिछले तीन दिनों से कांग्रेस के सभी विधायक धरने पर बैठे है, जिनका समर्थन करने कल प्रातः स्वयं प्रदेशाध्यक्ष विधानसभा पहुँचे थे।

श्री पायलट ने कहा कि कांग्रेस के दबाव में आ कर भाजपा ने इस कानून को लागू करने पर पुनर्विचार करने बाबत एक समिति का गठन किया है, लेकिन कांग्रेस पार्टी इस तरह के गैरकानूनी, लोकतंत्र के ख़िलाफ़ असंवैधानिक कानून को तुरंत प्रभाव से वापस लेनी की माँग रखती है और इसीलिए हमने हाई कोर्ट में याचिका दर्ज़ की है।

पायलट ने कहा कि समिति तो बना दी गयी है लेकिन ये काला कानून आज प्रदेश में लागू है, जो जनता एवं मीडिया बन्दुओ को भयभीत कर रहा है। हमे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है कि वे इस कानून को ख़त्म करेगें क्योंकि लोकतंत्र में इस तरह के कानून की कोई आवश्यकता नहीं है जो आम जन का शोषण कर भ्रष्टाचारियो को संरक्षण देता हो।

मालूम हो कि इस काले कानून के ख़िलाफ़ मीडिया कर्मियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था जिन्हे भी गिरफ्तार कर लिया गया और सरकार एवं प्रशासन के इस रवैये से विपक्षी दल सहित मीडिया में भी खासा रोष देखने को मिल रहा है. 

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