उपचुनावों की तैयारियों के चलते राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट सोमवार से अजमेर जिले के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे. प्रदेशाध्यक्ष अजमेर की नसीराबाद, मसूदा और केकड़ी विधानसभाओ में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो का दौरा कर जन संपर्क करेंगे और कार्यकर्ताओ से मुलाक़ात कर पार्टी को बूथ स्तर पर मज़बूत करने का प्रयास करेंगे.
गौरतलब है कि पायलट ने पिछले दो सप्ताह में अलवर जिले की तमाम विधानसभाओ का दौरा कर 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' कार्यकर्ता सम्मेलन के ज़रिये बूथ स्तर के कार्यकर्ताओ में ना सिर्फ नयी ऊर्जा का संचार किया बल्कि उन्हें ये एह्साह करवाया कि ये उपचुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है जिन्हे गंभीरता से ले कर पार्टी को गाँव-ढाणियों तक मज़बूत करना आवश्यक है.
इसी क्रम में पायलट अब अजमेर की सभी विधानसभाओ का दौरा कर कांग्रेस को बूथ स्तर तक मज़बूत करने का प्रयास करेंगे. पायलट के अजमेर जिले का तीन दिवसीय कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है:
25/12/2017: नसीराबाद विधानसभा
पहले दिन पायलट नसीराबाद विधानसभा के दौरे पर रहेंगे, वो अपना सफ़र जयपुर से शुरू करेंगे और सड़क मार्ग द्वारा गोविन्दगढ, जसवंत पुरा, भगवान पुरा, पिचोलिया, बुधवाडा, डाबला, पीसांगन, नागोलाव होते हुए नसीराबाद पहुँचेगे, जहाँ कार्यकर्ताओ की बैठक ले कर रात्रि विश्राम करेंगे.
26/12/2017 मसूदा विधानसभा
नसीराबाद विधानसभा के दौरे के पश्च्यात पायलट दूसरे दिन मसूदा विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. वो अपना सफ़र प्रातः 9 बजे नसीराबाद से शुरू करेंगे और सड़क मार्ग द्वारा कुम्हारीया, बांदनवाड़ा, पडागां, तावाडिया, जामोला, मायला,किराप, कुशलपुरा बेगलीयावास, शेरगढ़, मसुदा, हरराजपुरा, सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो में जन संपर्क करते हुए रामपुरा मोयणा पहुँचेगे, जहाँ वो अपनी टीम के साथ रात्रि विश्राम करेंगे.
27/12/2017 केकड़ी विधानसभा
अपने तीन दिवसीय अजमेर जिले के दौरे के अंतिम चरण में पायलट केकड़ी विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. प्रातः 9 बजे वे रामपुरा मोयणा से अपना सफ़र शुरू कर टाटोटीं, खिरीया, फतेहगढ़, सरवाड, रामपाली, जूनिया, मोकलिया, गुलगांव, सावर, कादेड़ा होते हुए केंकडी शहर पहुँचेगे जहाँ कार्यकर्ताओ की बैठक ले कर रात्रि विश्राम करेंगे.
हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने उपचुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष में बैठी कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने स्तर पर प्रचार शुरू कर दिया है. दोनों ही पार्टियों के लिए ये उपचुनाव बहुत मायने रखते है, क्योंकि अगले वर्ष राजस्थान में विधानसभा के चुनाव है और इन उपचुनाव के नतीजों का सीधा असर अगले वर्ष होने वाले चुनावो पर पड़ेगा. ऐसे में अब देखना ये है कि प्रदेश की जनता किस पार्टी को अपना समर्थन देती है?
गौरतलब है कि पायलट ने पिछले दो सप्ताह में अलवर जिले की तमाम विधानसभाओ का दौरा कर 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' कार्यकर्ता सम्मेलन के ज़रिये बूथ स्तर के कार्यकर्ताओ में ना सिर्फ नयी ऊर्जा का संचार किया बल्कि उन्हें ये एह्साह करवाया कि ये उपचुनाव बहुत ही महत्वपूर्ण है जिन्हे गंभीरता से ले कर पार्टी को गाँव-ढाणियों तक मज़बूत करना आवश्यक है.
इसी क्रम में पायलट अब अजमेर की सभी विधानसभाओ का दौरा कर कांग्रेस को बूथ स्तर तक मज़बूत करने का प्रयास करेंगे. पायलट के अजमेर जिले का तीन दिवसीय कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है:
25/12/2017: नसीराबाद विधानसभा
पहले दिन पायलट नसीराबाद विधानसभा के दौरे पर रहेंगे, वो अपना सफ़र जयपुर से शुरू करेंगे और सड़क मार्ग द्वारा गोविन्दगढ, जसवंत पुरा, भगवान पुरा, पिचोलिया, बुधवाडा, डाबला, पीसांगन, नागोलाव होते हुए नसीराबाद पहुँचेगे, जहाँ कार्यकर्ताओ की बैठक ले कर रात्रि विश्राम करेंगे.
26/12/2017 मसूदा विधानसभा
नसीराबाद विधानसभा के दौरे के पश्च्यात पायलट दूसरे दिन मसूदा विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. वो अपना सफ़र प्रातः 9 बजे नसीराबाद से शुरू करेंगे और सड़क मार्ग द्वारा कुम्हारीया, बांदनवाड़ा, पडागां, तावाडिया, जामोला, मायला,किराप, कुशलपुरा बेगलीयावास, शेरगढ़, मसुदा, हरराजपुरा, सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रो में जन संपर्क करते हुए रामपुरा मोयणा पहुँचेगे, जहाँ वो अपनी टीम के साथ रात्रि विश्राम करेंगे.
27/12/2017 केकड़ी विधानसभा
अपने तीन दिवसीय अजमेर जिले के दौरे के अंतिम चरण में पायलट केकड़ी विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. प्रातः 9 बजे वे रामपुरा मोयणा से अपना सफ़र शुरू कर टाटोटीं, खिरीया, फतेहगढ़, सरवाड, रामपाली, जूनिया, मोकलिया, गुलगांव, सावर, कादेड़ा होते हुए केंकडी शहर पहुँचेगे जहाँ कार्यकर्ताओ की बैठक ले कर रात्रि विश्राम करेंगे.
हालांकि अभी तक चुनाव आयोग ने उपचुनावों की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष में बैठी कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने अपने स्तर पर प्रचार शुरू कर दिया है. दोनों ही पार्टियों के लिए ये उपचुनाव बहुत मायने रखते है, क्योंकि अगले वर्ष राजस्थान में विधानसभा के चुनाव है और इन उपचुनाव के नतीजों का सीधा असर अगले वर्ष होने वाले चुनावो पर पड़ेगा. ऐसे में अब देखना ये है कि प्रदेश की जनता किस पार्टी को अपना समर्थन देती है?

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