पायलट के तूफ़ानी दौरे; 5 दिन में 9 जिलो का दौरा; 7 विधानसभाओं में की सभाएं; भाजपा में मचा हड़कंप

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट के तूफ़ानी दौरों ने भाजपा में हड़कंप मचा दिया है। पिछले मात्र पाँच दिनों में पायलट ने 9 जिलों का दौरा किया और 7 विधानसभाओं में 'मेरा बूथ, मेरा गौरव', कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरक़त कर कार्यकर्ताओ का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर सिर्फ़ कार्यकर्ता ही नहीं आम जनता में भी पायलट के प्रति एक विशेष उत्साह देखने को मिला, जो कि सत्ताधारी भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गया है। कुछ महीनों बाद प्रदेश में विधानसभा चुनाव है, जिनकी तैयारियों में पायलट के नेतृत्व में तो कांग्रेस जोर-शोर से जुट गई है, लेकिन भाजपा फ़िलहाल प्रदेशाध्यक्ष पद की आंतरिक राजनीति में ही फंसी हुई है। 
5 दिनों में 9 जिलों का दौरा
31 मई को जोधपुर हवाई अड्डे से शुरू हुआ पायलट के तूफ़ानी दौरों का सिलसिला बाड़मेर, पाली, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर होते हुए आज उदयपुर के डबोक स्थित हवाई अड्डे पर आ कर ख़त्म हुआ। हालांकि एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि ये समाप्ति नहीं, ये तो सिर्फ़ शुरुआत है। अभी वे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा ज़ारी रखेगे और इसी सप्ताह चुरू, झुंझुनू, जयपुर, दौसा आदि जिलों के दौरों का कार्यक्रम बनाया जा रहा है, जिसकी घोषणा ज़ल्द ही की जाएगी। 
7 विधानसभाओं में की सभाएं
पायलट ने गत पाँच दिनों में 7 विधानसभाओं में आयोजित 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरक़त कर कार्यकर्ताओ को संबोधित करने के साथ-साथ उनका मनोबल भी बढ़ाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे है।  31 मई को उन्होंने बाड़मेर की पचपदरा विधानसभा से शुरुआत की और उसके पश्च्यात वे तीन दिवसीय चित्तौड़गढ़ जिले के दौरे पर रहे। चित्तौड़गढ़ शहर विधानसभा सहित उन्होंने निम्बाहेड़ा, रावतभाटा-बेगूं विधानसभाओं में भी सभाएं की। 
मेवाड़ क्षेत्र के दौरे के बाद पायलट वागड़ क्षेत्र के जिलो के दौरे पर निकले, जहाँ उन्होंने प्रतापगढ़ ज़िले में धरियावद विधानसभा, बाँसवाड़ा की गढ़ी विधानसभा और डूंगरपुर की सागवाड़ा विधानसभा में आयोजित 'मेरा बूथ, मेरा गौरव' कार्यक्रमो में शिरक़त की। चाहे मारवाड़ हो, मेवाड़ हो या फ़िर वागड़ पायलट जहाँ भी पहुँचे कार्यकर्ताओ के साथ-साथ आमजन में भी उनके प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। पिछले 5 दिनों में पायलट ने लगभग 2000 किलोमीटर का सफ़र सड़क मार्ग द्वारा तय किया। भीषण गर्मी होने के बावजूद जहाँ से भी, जिस भी समय पायलट का काफ़िला गुज़रता कार्यकर्ता और जन प्रतिनिधि उनके स्वागत के लिए मालाओं के साथ तैयार खड़े मिलते। 
'मेरा बूथ, मेरा गौरव' कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिये पायलट ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया है, जो कार्यकर्ता पहले से सर्क्रिय थे उनके पायलट के आगमन से दुगना उत्साह देखने को मिला, तो वहीं जो कार्यकर्ता किसी कारणवश सर्क्रिय नहीं भी थे उन्होंने भी अब कमर कस ली हैं। पायलट की सफ़लता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि आम जनता का रुझान कांग्रेस पार्टी की ओर बढ़ने के साथ-साथ सेंकडो भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस का दामन थामा, जिनका कांग्रेस में स्वागत स्वयं पायलट ने किया। 
पायलट दावां कर चुके है कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता के आर्शीवाद से कांग्रेस ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने गुटबाज़ी की ख़बरों को भी सिरे से खारिज़ करते हुए एकजुटता की बात कही। चाहे युवा हो या बुज़ुर्ग, बच्चे हो या महिलाएं हर वर्ग, हर जाति और धर्म के लोग पायलट से प्रभावित हो कर कांग्रेस से जुड़ रहे है, जिसने वाकई में कांग्रेस को इतना मज़बूत बना दिया है कि अब भाजपा के कई नेताओ ने पहले ही हथियार डाल दिये है और पर्दे के पीछे ये स्वीकार भी कर लेते है कि भाजपा की विदाई तय है। 
उधर भाजपा से भले ही जनता कटती जा रही है, लेकिन बिना प्रदेशाध्यक्ष की इस भाजपा सरकार ने 180 का दावा कर तो लिया, पर जिस तरह का माहौल प्रदेश में फिलहाल बना हुआ है, उससे भाजपा का ये सपना पूरा होना नामुमकिन ही लग रहा है। अब दावे दोनों पार्टियां कर चुकी है, अब ये वक़्त बताएगा कि जनता किसी सौंपती है प्रदेश में सत्ता? 

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